अनदेखा कर दो

कुछ नया..कुछ नया कहाँ से सुनाऊ
गीत मेरे पुराने की मैं वोही पुरानी हूँ
नयी नयी बाते ढूंढ़ कर कहाँ से लाऊं
आँखों को मेरी भाती है, बाते पुरानी
रंग नए लाकर बनाऊं मैं कैसे
नए चित्र कोई, जो तुम्हे पसंद आये
मेरे पास एक वोही पुरानी कलम है
इन्द्रधनुष में युगों से वही सात रंग है
पर कोई नहीं कहेता , इनको बदल डालो
मुझमे भी कही छवि है उस एक शक्ति को
पसंद ए थो आये, या अनदेखा कर दो

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