ला लेखनी और देख मैं
कैसे कैसे घाव करूँगी
जल जाएगा हर एक कागज
इसमे जब आँसू की बूँद भरूँगी

दूर भगा दूँगी मैं सबको
ऐसा एक डर पैदा करके
कट जाएगी उम्र तुम्हारी
नाप तौल सौदा करके

एक शब्द भी नही कहूँगी
जो जो तुमको सुनना है
आज अकेले इसी भवर मे
मुझको तुम्हे डुबोना है

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