बात गहरी हो तो करो
वरना खामोशी से ढकने दो लम्हे
निगाहें जो हमपे ठेहेरी हो तो चलो
वरना नज़ारो को देखने दो हमे
सहमी सहमी सी रहे चलती
ये डगमगाती नाव
थपेड़ो के वार से काँपती
होके मेरी ढाल जो करोगे
सामना हालाटो का , तो कहो
वरना बनकर के कहर
वक़्त पे गिरने दो हमे

Comments

Popular posts from this blog

आप आया करे

Love is

winding path