Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 05, 2016 मैं कविता नहीं लिखती बस शब्द सजाती हूँ अलग अलग तरीके से की मिले पंख उन्हें जिन्होंने बस देखा हैं परिंदो को फड़फड़ाते पिंजरो में वो जाने की ये मासूम उड़ जो पाता तो क्या इंद्रधनुष लपेट न लाता? Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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