कुछ ख्वाब पुराने हैं

कुछ हिसाब पुराने भी

यादो के धुंधले पन्नो पर

कुछ लम्हे सुहाने भी

सुनते कहते और पढ़ते थे

भाषा नयनो की सयाने से

जबसे तुमने आंखे फेरी

हालात है अब, दीवाने से

वो चौबारे वो गालियां

झलकी हर पल देखा करते है

टूटे रिश्तो के धागे से

दिल के चीथड़े रफू क्या होते है?

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