तीखी सी

जलती

चुभती

और सुलगती है

मुझमे

एहसास

तुम्हारे मेरे नहीं

और से

करीब होने के

और भी ज्यादा

कुरेद जाते हैं

ज़ख्म

तुम्हारे मुझे

दिलासे देने के

अंदाज़

Comments

Popular posts from this blog

इंतज़ार

आप आया करे