रोशन से सितारों की एक रात
ज़रा बहके बहके और हालात
चांदनी ज़ोर पर
धड़कने शोर पर
यु ही, खामोशियो भरी हर एक बात

बेबसी भी बेकली भी
अनकही अनसुनी भी
फासला भी हौसला भी
हिचक सी, बेहिचक भी
कच्चे धागो में बंधे पक्के जज़्बात

कह कर भी कुछ कही रह गया है
मिलके  जैसे,फिर से कुछ खो गया है
टंगे  है हर  कोने में एक सवाल
बिखरे बिखरे, चुभते चुभते हालात

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