बलात्कार कहाँ?
हां, लापरवाही हो सकती हैअब अकेली गयी ही क्यों?
घर में कोई था नहीं क्या?
कोई मर्द?
जैसे बाप या भाई
हाँ, अब पड़ोस के छोरे संग जाएगी
तो छिछोरी तो कहलाएगी न
जवान लड़की को मना करना था न
हाँ, अब बारह तेरह की तो थी न
वो सब उम्र की जाने दो
लड़की तो थी न ?
पता नहीं था क्या किसी को?
अब घर की औरतो का काम नहीं है क्या
की सिखाये बताये
क्या पहनो , कैसे बैठो
क्या बोलो , कितना बोलो
अब नहीं किया तो भुगतो
क्या शोर लगा रखा है
टीवी बंद करो अब
ये सब शरीफ घर की
लड़कियां नहीं देखती
कहकर हम भले लोगो ने
खिड़की दरवाजे बंद किये
कमरे में देर रात कराहने
की आवाजे आयी थी
जिनको भरसक अनसुना भी किये
अब, ये तो घर घर की कहानी है
आज किसी तरह कट जाए
बाकी कल सुबह देखेंगे
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