आप आया करे
आप वक़्त निकालें और आया करे हमसे मिलने तब जब सुबह हुयी भी न हो रात बची भी न हो लेके हौसले बुलंद आंखे, खुली कुछ बंद सांस ठहरी सी, मंद आप आया करे और, रुक जाया करे हम परदो को गिराकर शामें ज़ाया करे उँगलियाँ फंसी से हो लबों पर हंसी सी हो ठहरी , ख़ुशी सी हो कब? तब. जब जब , हम बुलाया करे आप आया करे. आप आया करे.
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